आसमान नीला क्यों होता है जानिए आसमान का रंग कैसा होता है~ 2021

हम सालो से देखते आ रहे है की आसमान का रंग नीला होता है लेकिन कभी आपने सोचा है की आसमान नीला क्यों होता है? वैसे जो साइंस विषय से ताल्लुक रखते है उन्हें तो इस विषय की जानकारी जरूर होगी लेकिन जिन लोगो को इस विषय की जानकारी नहीं है उन्हें हम इस पोस्ट में इस विषय सम्बंधित पूरी जानकारी देने वाले है।

अगर वैज्ञानिको की माने तो आसमान का अपना कोई रंग नहीं होता है और इसी कारण रात के समय में या अंतरिक्ष से देखने पर आसमान हमे काला दिखाई देता है जबकि पृथ्वी से देखने पर यही आसमान नीला दिखाई देता है और कभी कभी नील रंग के साथ साथ पीला या लाल रंग भी दिखाई देता है।

यह ठीक उसी प्रकार है जैसे अगर आपको कोई पूछे की पानी का रंग क्या है तो आपका जवाब होगा शायद रंगहीन क्योकि पानी जिसमें समाहित होता है उसी का रंग ले लेता है।

तो आकाश में भी ऐसे बहुत से रहस्य छुपे हुए है जो सोचने पर मजबूर कर देते है और उन्ही में से एक रहस्य आसमान का नीला रंग भी है जिसके बारे में हम इस पोस्ट में पूरा विस्तार से जानने वाले है तो अगर आप भी जानना चाहते है की आसमान का रंग कैसा होता है तो इस पोस्ट को ध्यानपूर्वक पूरा जरूर पढ़े।

आसमान नीला क्यों होता है

अब अगर बात करे की आसमान नीला क्यों दिखाई देता है तो इसके पीछे भी एक बहुत बड़ा कारण है तो चलिए जानते है आसमान का रंग नीला क्यों होता है या आसमान के नील रंग के पीछे का क्या कारण है।

दोस्तों आपको यह तो पता ही होगा की हमारी पृथ्वी के वायुमंडल में बहुत सी गैसों का मिश्रण है यानि की हमारा वायुमंडल बहुत सी गैसों के मिश्रण से बना हुआ है और साथ ही साथ बहुत से धूल के कण और सूक्ष्म कण भी मौजूद है।

साथ ही साथ आपको यह भी पता होगा की हमारे सूर्य का प्रकाश सात रंगो (बैंगनी, निल, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल) से मिलकर बना है और सभी रंगो की अलग-अलग Wavelength (तरंग दैर्ध्य) होती है जिसमे नीले रंग की सबसे कम और लाल रंग की तरंग दैर्ध्य सबसे ज्यादा होती है। तो चलिए अब बात करते है आकाश के नील होने के पीछे का कारण।

सूर्य का प्रकाश जब पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है तो वायुमंडल में उपस्थित असंख्य धूल कणो से टकराने के कारण सूर्य के प्रकार का प्रकीर्णन हो जाता है लेकिन चूकी लाल रंग की तरंग दैर्ध्य सबसे अधिक होती है इसलिए वह कम प्रकीर्णित होता है।

लेकिन नीला रंग अपनी कम तरंग दैर्ध्य के कारण ज्यादा फैलता है और इसी कारण हमे आसमान का रंग नीला दिखाई देता है। लेकिन चूकी अंतरिक्ष में किसी भी तरह का वायुमंडल उपस्थित नहीं है इसलिए हमे अंतरिक्ष से आकाश काले रंग का दिखाई देता है।

उसी प्रकार चूकी रात के समय सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं आता है इस कारण प्रकीर्णन नहीं होता है जिससे आकाश हमे काले रंग का दिखाई देता है।

तो दोस्तों अब आपको जानकारी मिल गयी होगी की आसमान का नीला रंग सूर्य के प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण होता है और सूर्य के प्रकाश की अनुपस्थिति में आसमान हमे काले रंग का दिखाई देता है।

आसमान की ऊंचाई कितनी है

अगर बात की जाये की आकाश की ऊंचाई कितनी है तो आपको बता दे यह इस बात पर निर्भर करती है की आप समुन्द्र तल से कितनी ऊंचाई पर रह रहे है। कुछ लोग आसमान की ऊंचाई औसतन 2 किलोमीटर से 18 किलोमीटर बताते है।

लेकिन बहुत से वैज्ञानिक इस बात को भी नकारते है उनका मानना है की आसमान की ऊंचाई 0 किलोमीटर है क्योकि पृथ्वी भी आसमान का ही एक हिस्सा है और इसी कारण पृथ्वी से आसमान की ऊंचाई उनके अनुसार शुन्य किलोमीटर है।

तो दोस्तों आशा करते है आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आयी होगी और अब आपको अच्छे से पता चल गया होगा की आकाश का रंग नीला क्यों होता है और हमारी शेयर की गयी जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हुई होगी।

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2 thoughts on “आसमान नीला क्यों होता है जानिए आसमान का रंग कैसा होता है~ 2021”

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