बल्ब का अविष्कार किसने किया और कब किया था

चलिए पहले एक सवाल करता हु आज जो आप अपने चारो और अलग-अलग तरह की लाइट्स देखते हैं जिनका तरह तरह से इस्तेमाल किया जाता हैं लेकिन क्या आपको पता हैं की आज जिसके कारण हमारी जिंदगी में उजाला आया हैं उस बल्ब का अविष्कार किसने किया?

हो सकता हैं आपको पता हो या हो सकता हैं आपको पता नहीं हो तो इन दोनों ही केस में यह पोस्ट आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण और मजेदार होने वाली हैं क्योकि इस पोस्ट में हम बल्ब के अविष्कारक के साथ-साथ और भी कुछ रोचक जानकारी देंगे जो आपके लिए लाभदायक हो।

इसलिए आपको इस पोस्ट को अच्छे से और ध्यानपूर्वक शुरू से अंत तक पूरा पढ़ना हैं जिससे आपको पूरी जानकारी विस्तार से और अच्छे से समझ आ सके।

बल्ब क्या है?

वैसे तो आपको बल्ब के बारे में ज्यादा बताने की जरूररत नहीं हैं क्योकि आप सभी लोग बल्ब के बारे में अच्छे से जानते होंगे और आप सभी ने अच्छी तरह से बल्ब को देखा भी होगा।

बल्ब को एक ऐसा उपकरण कहा जा सकता हैं जिसे अगर हम विधुत या करंट से जोड़ते हैं तो यह प्रकाश उत्पन करता हैं या रौशनी प्रदान करता हैं। यानि की आप जहा भी करंट हैं वहाँ बल्ब का इस्तेमाल कर सकते हैं।

बल्ब का अविष्कार किसने किया?

बल्ब का अविष्कार किसने किया

बल्ब का अविष्कार थॉमस अल्वा एडिसन ने किया था जोकि एक अमेरिकी वैज्ञानिक और व्यवसायी थे। इन्हे अमेरिका का एक महान वैज्ञानिक कहाँ जाता हैं इनका जन्म 11 फरवरी 1847 में हुआ था।

एडिसन ने बल्ब के साथ साथ और भी बहुत से अविष्कार किये थे जिनमे ग्रामोफ़ोन, मोशन कैमरा, कार्बन टेलीफोन ट्रांसमीटर आदि शामिल हैं। वैसे तो बल्ब की खोज में और भी बहुत से वैज्ञानिक कार्य कर रहे थे लेकिन अंतिम रूप से सफलता थॉमस अल्वा एडिसन को ही मिली।

बल्ब का अविष्कार कब हुआ?

बल्ब का अविष्कार सन 1879 में हुआ था जिसे थॉमस अल्वा एडिसन ने बनाया था और उन्हें इस खोज को अंजाम देने से पहले कई असफलताओ का सामना करना पड़ा था लेकिन उनके निरंतर प्रयास से एक दिन 1879 में उन्हें सफलता मिल ही गयी।

बल्ब के अविष्कार से पहले रोशनी के लिए लोग मोमबत्ती और दिये का इस्तेमाल करते थे लेकिन इसका इस्तेमाल करना बहुत मुश्किल होता था और इनका रखरखाव भी मुश्किल था लेकिन बल्ब के अविष्कार के बाद यह सब कुछ आसान हो गया।

इसी खोज के कारण आज हमे हजारो या लाखो तरह की लाइट्स वगैरा देखने को मिलते हैं और यह सब इसी खोज से संभव हो पाया हैं।

बल्ब का अविष्कार कैसे हुआ?

अब तक हमने जाना की बल्ब का अविष्कार किसने और कब किया और आशा हैं आपको हमारे शेयर की गयी अब तक की जानकरी जरूर पसंद आयी होगी और अब आगे हम जानेंगे बल्ब की खोज के पीछे की कहानी के बारे में।

अगर बात करे विधुत से रौशनी करने की बात तो यह बात का ख्याल वर्तमान से 200 वर्षो पहले ही एक इंग्लिश केमिस्ट Humphrey Davy के मन में आ गया था और उन्होंने ही सबसे पहले ये बताया था की जब विधुत के तारो में करंट प्रवाह किया जाता हैं तो वह गरम होकर रोशनी पैदा करता हैं।

लेकिन उनके द्वारा जो उपकरण बनाये गए थे वह कुछ समय तक ही रोशनी देते थे और इसी कमी के कारण उन्हे सफलता नहीं मिल पायी उसके बाद अमेरिकी वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन ने 1879 में कार्बन फिलामेंट लाइट बल्ब का अविष्कार किया और उसे दुनिया के सामने पेश किया।

बहुत से लोग इस बात का भी जिक्र करते हैं की बल्ब की खोज में बहुत से वैज्ञानिको लगभग 20 वैज्ञानिको ने कोशिश की लेकिन किसी न किसी खामी के कारण उन्हें सफलता नहीं मिल पायी और एडिसन ने पूरी तरह से बल्ब की खोज करके सफलता प्राप्त की थी। इसी कारण से बल्ब के अविष्कार का पूरा श्रेय एडिसन को ही दिया जाता हैं।

एडिसन को पहला बल्ब बनाने में लगभग डेड साल तक का समय लगा था और उनका यह बल्ब लगभग 13 घंटो से ज्यादा समय तक चला था। इस बल्ब के फिलामेंट को कार्बनीकृत धागे से बनाया गया था।

LED Bulb का अविष्कार किसने किया?

दुनिया के पहले LED बल्ब का अविष्कार 1962 में  निक होलोनाइक (Nick Holonyak) ने किया था। निक होलोनाइक एक इंजीनियर थे जो अमेरिका की एक जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी में काम करते थे। वर्तमान में LED बल्ब को काफी पसंद किया जाता हैं और इसे दुनियाभर में इस्तेमाल किया जाता हैं।

तो दोस्तों आशा करते हैं आपको हमारी शेयर की गयी जानकारी जरूर पसंद आयी होगी और अब आपको बल्ब के अविष्कार की पूरी जानकारी प्राप्त हो गयी होगी और वर्तमान में हमारे जीवन में बल्ब की कितनी अहमियत हैं यह तो आपको पता ही हैं।

अगर आपको हमारी यह पोस्ट बल्ब का अविष्कार किसने किया पसंद आयी हैं तो इसे अपने सोशल मीडिया दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करे और साथ ही साथ अगर आपको हमारी पोस्ट से सम्बंधित कोई भी Doubts हैं तो हमे कमेंट करके जरूर बताये।

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