Firewall क्या है और ये कैसे काम करता है तथा इसके फायदे व नुक्सान

यदि आप लैपटॉप और कंप्यूटर में इन्टरनेट का उपयोग करते हैं, तो आपके लिए Firewall क्या है जानना बहुत ही जरुरी हो जाता है, क्योंकि इन्टरनेट के बढ़ते उपयोग के कारण हमे बहुत फायदा मिलने के साथ – साथ हमारी पर्सनल जानकारी की सुरक्षा खतरे में आ गयी है। Firewall एक प्रकार की सुरक्षा दिवार होती है , जो हमारे लैपटॉप या कंप्यूटर को हैकर से बचाती है।

आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से फ़ायरवॉल से रिलेटेड सभी जानकारियां साझा करने वाले हैं। इस आर्टिकल में हम आपको फ़ायरवॉल क्या है, Firewall कैसे काम करता है, Firewall के प्रकार, तथा Firewall के फायदे व नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं।

यदि आप भी फ़ायरवॉल के बारे में विस्तार से पढ़ना चाहते हो तो आप इस आर्टिकल को ध्यानपूर्वक पूरा पढ़ें। हम आशा करते हैं कि इस आर्टिकल को पढने के बाद आपके मन में फ़ायरवॉल से रिलेटेड कोई भी प्रश्न नही उठेगा। फिर भी यदि आपके मन में कोई प्रश्न उठता हो तो आप हमें बेझिझक कमेंट कर सकते हैं ।

तो चलिए अब हम सबसे पहले Firewall क्या हैं के बारे में जान लेते हैं इसके बाद इससे जुड़ी अन्य जानकारी के बारे में भी जानेंगे।

Firewall क्या है

यदि हम फ़ायरवॉल शब्द पर गौर करें तो यह दो शब्दों से मिलकर बना हुआ दिखाई देता है। पहला – फायर (Fire) जिसका मतलब होता है आग। दूसरा शब्द है – वाल ( Wall ) जिसका हिंदी में अर्थ होता है – दिवार। अत: फ़ायरवॉल शब्द का मतलब होता है – आग से बचाने वाली दिवार

कंप्यूटर में आने वाले हानिकारक वायरस हमारे कंप्यूटर में आग की तरह फैलकर हमारे महत्त्वपूर्ण डाटा को चुराने के साथ – साथ उसे नष्ट भी कर सकते हैं। हानिकारक वायरस को कंप्यूटर में आने से बचाने के लिए एंटीवायरस बनाया जाता है।

Firewall एक प्रकार का एंटीवायरस होता है, इस एंटी वायरस का बनाने का मकसद सिर्फ और सिर्फ हमारे लैपटॉप और कंप्यूटर को सुरक्षा प्रदान करना है। यह एंटीवायरस एक प्रकार का प्रोग्राम होता है जो कि Programming लैंग्वेज की मदद से बनाया जाता है।

जब हम इन्टरनेट पर कुछ भी सर्च करते हैं तो हमको अनेको रिजल्ट दिखाए जाते हैं। इस रिजल्ट में हमारे कंप्यूटर के लिए अच्छी फाइल्स भी हो सकती हैं और हानिकारक फाइल्स भी हो सकती हैं। फ़ायरवॉल हमारे कंप्यूटर में (Firewall in Computer) एक दिवार की तरह होता है, जो हमें सिर्फ और सिर्फ अच्छी फाइल्स को डाउनलोड करने की अनुमति देता है।

Firewall कैसे काम करता है

जैसा कि हमने आपको बताया कि फ़ायरवॉल प्रोग्राम होता है। इस प्रोग्राम में Programming की मदद से पहले से कुछ नियम बनाये जाते हैं। इस रूल्स में पहले डिफाइंड किया जाता है कि आपके कंप्यूटर या नेटवर्क (कंप्यूटर का जाल) में किस प्रकार के डाटा पैकेट (ट्रैफिक) को आने की अनुमति दी जाएगी।

फ़ायरवॉल हमारे कंप्यूटर में आने वाले सभी डाटा पैकेट (ट्रैफिक) को चेक करता है। यदि डाटा पैकेट फ़ायरवॉल के रूल के मुताबिक सही होता है , तो यह उस डाटा पैकेट को कंप्यूटर में आने की अनुमति प्रदान करता है। जो हानिकारक वायरस इसके रूल्स को फॉलो नही करते यह उनको कंप्यूटर में आने की अनुमति नही देता है।

इस प्रकार फ़ायरवॉल हमारे पर्सनल कंप्यूटर की सुरक्षा करने के साथ – साथ बड़े – बड़े आर्गेनाईजेशन जैसे कि हमारे देश की स्पेस एजेंसी इसरो के डाटा को भी सुरक्षित रखता है।

जैसा की हमने आपको बताया कि फ़ायरवॉल एक प्रकार का प्रोगाम होता है। यदि आपको Programming Language आती हैं तो आप फ़ायरवॉल के प्रोग्राम को अपने मुताबिक बदल कर इसके रूल्स को भी बदल सकते हैं। आप फ़ायरवॉल के माध्यम से अपने कंप्यूटर पर किसी भी Domain Name, Protocol, Program, Source/ Destination Port Number, IP Adress को ब्लाक कर सकते हैं।

Firewall के प्रकार (Types of Firewall in Hindi)

यदि हम बात करें फ़ायरवॉल कितने प्रकार के होते हैं तो यह मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं –

  1. हार्डवेयर फ़ायरवॉल (Hardware Firewall)
  2. सॉफ्टवेर फ़ायरवॉल (SoftwareFirewall)
  3. प्रॉक्सी फ़ायरवॉल (ProxyFirewall)

आईये अब इन तीनो फ़ायरवॉल के बारे में थोडा और डिटेल्स में जानकारी जानते है।

1. हार्डवेयर फ़ायरवॉल (Hardware Firewall)

जब कंप्यूटर के किसी हार्डवेयर में फ़ायरवॉल मौजूद होता है तो उसे हार्डवेयर फ़ायरवॉल कहते हैं। कंप्यूटर में इन्टरनेट का उपयोग तथा कई कंप्यूटर को आपस में जोड़ने के लिए हम राऊटर और मॉडेम का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए आजकल हमारे अधिकतर राऊटर और मॉडेम में पहले से हार्डवेयर फ़ायरवॉल मौजूद रहता है।

जिसके कारण राऊटर से कनेक्ट होने वाले हमारे सभी कंप्यूटर को हानिकारक वायरस तथा मॉलवेयर से सुरक्षा मिल जाती है।अब जैसे की मान लीजिये आपके एक कंपनी में 10 – 15 कंप्यूटर एक ही नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इन सभी कंप्यूटर को हम राऊटर से जोड़कर उन्हें सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं।

जैसे ही हम राऊटर फ़ायरवॉल को ओंन करेगे तो इस राऊटर से जुड़ने वाले सभी कंप्यूटर पर फ़ायरवॉल काम करने लगेगा। हार्डवेयर फ़ायरवॉल कंप्यूटर में आने वाले डाटा पैकेट (ट्रैफिक) की जाँच करता है, जब फ़ायरवॉल को लगता है कि आने वाला डाटा पैकेट कंप्यूटर के लिए सुरक्षित है तो वह उसे कंप्यूटर में जाने की अनुमति दे देता है।

हार्डवेयर फ़ायरवॉल का एक फायदा यह भी है कि यदि किसी भी तरह एक कंप्यूटर में वायरस या मॉलवेयर प्रवेश कर गया तो यह उस वायरस को अन्य कंप्यूटर में जाने से रोक देता है। इस तरह हार्डवेयर फ़ायरवॉल हमारे नेटवर्क के सभी कंप्यूटर को सुरक्षित रखता है।

2. सॉफ्टवेर फ़ायरवॉल (Software Firewall)

सॉफ्टवेर फ़ायरवॉल आजकल के सभी कंप्यूटर में डाला जाने वाला एक सॉफ्टवेर होता है। सभी कंप्यूटर किसी न किसी Operating System (Linux , Windows) की मदद से ही काम करते हैं। जब कंप्यूटर के Operating System को बनाया जाता है तो बनाते समय ही इनमे पहले से एक एंटीवायरस सॉफ्टवेर फ़ायरवॉल को डाला जाता है। जो हमारे कंप्यूटर को हैकर, हानिकारक वायरस से सुरक्षा प्रदान करता है।

जब भी हम अपने कंप्यूटर में किसी असुरक्षित वेबसाइट या फिर फाइल्स को ओपन करते हैं, तो हमारा सॉफ्टवेर फ़ायरवॉल हमें एक पॉपअप नोटीफीकेशन भेजता है कि यह वेबसाइट या फाइल्स असुरक्षित है। वह आपसे परमिशन मागता है कि क्या फिर भी आप इस वेबसाइट या फाइल्स को ओपन करना चाहते हैं। ऐसे ही हमारा सॉफ्टवेर फ़ायरवॉल कंप्यूटर में वर्क करता है ।

यदि आपके कंप्यूटर में पहले से कोई भी सॉफ्टवेर फ़ायरवॉल नही इनबिल्ट है, तो आप अपने कंप्यूटर में अनेको प्रकार के आने वाले एंटीवायरस ( AvastMcAfeeNortonQuickHeal ) में से कोई भी एंटीवायरस को इंस्टाल करके कंप्यूटर को सुरक्षित रख सकते हैं। लेकिन इन्टरनेट पर मौजूद सभी एंटीवायरस अच्छे नही होते हैं, इसलिए कोई भी एंटीवायरस कंप्यूटर में इनस्टॉल करने से पहले उसके बारे में अच्छे से रिसर्च जरुर करें। वरना वह आपके कंप्यूटर को सुरक्षित करने के बजाय खुद उस पर हानिकारक प्रभाव डालने डालेगा।

3. प्रॉक्सी फ़ायरवॉल (Proxy Firewall)

प्रॉक्सी फ़ायरवॉल को अब तक का सबसे सुरक्षित फ़ायरवॉल के रूप में दर्जा प्रदान किया गया है। ये फ़ायरवॉल मुख्यतः इन्टरनेट प्रोटोकॉल यानी की (IP एड्रेस) पर काम करते हैं। इस फ़ायरवॉल के पास अपना खुद का एक IP एड्रेस होता है और यह हमारे कंप्यूटर पर आने वाले विभिन्न IP एड्रेस की जाँच करता है। जब दूसरा IP एड्रेस इस फ़ायरवॉल के IP एड्रेस से मैच खाता है, तो यह उस IP एड्रेस को कंप्यूटर में आने की अनुमति प्रदान करता है।

क्योंकि प्रॉक्सी फ़ायरवॉल बहुत से IP एड्रेस को ब्लाक करके रखता है, इसके कारण हमारे कंप्यूटर पर यूजर की संख्या सिमित हो जाती है, जिससे हमारा कंप्यूटर बहुत ही तेजी से काम करता है। यह कभी भी डाउन नही होता है। इसलिए यह अपने यूजर को अच्छा इन्टरनेट का अनुभव प्रदान करता है।

फ़ायरवॉल के फायदे और नुकसान

यदि अब हम बात करें कि फ़ायरवॉल उपयोग करने के क्या – क्या फायदे और नुकसान है तो आपको हम बता दें कि वैसे तो एक अच्छा फ़ायरवॉल का उपयोग करने से हमारे कंप्यूटर को कोई नुकसान नही होता है। तो चलिए फ़ायरवॉल के फायदे और नुकसान के बारे में डिटेल्स में जानते हैं।

फ़ायरवॉल के फायदे

अब हम Firewall के लाभ की बात करें तो ये कुछ निम्न प्रकार से हैं

  1. फ़ायरवॉल हमारे कंप्यूटर को हानिकारक वायरस तथा मॉलवेयर से सुरक्षित करता है।
  2. फ़ायरवॉल हमारे कंप्यूटर को हैक होने से बचाते हैं। जिसमे हमारी बहुत सारी महत्त्वपूर्ण जानकारी स्टोर रहती हैं।
  3. फ़ायरवॉल की मदद से हम अपने कंप्यूटर पर किसी भी IP एड्रेस के एक्सेस को ब्लाक कर सकते हैं।
  4. प्रॉक्सी फ़ायरवॉल हमारे यूजर की संख्या को कम करके हमारे कंप्यूटर को तेजी से काम करने में मदद करता है।

फ़ायरवॉल के नुकसान

वैसे तो फ़ायरवॉल के कोई नुकसान नहीं है लेकिन फिर भी निम्न नुकसान देखे जा सकते हैं –

  1. फ़ायरवॉल के प्रोग्राम में पहले से नियम बनाये जानते हैं कि किन डाटा पैकेट को एक्सेस देना होता है और किनको नही। इसलिए जब कोई नया वायरस बनता है जोकि एकदम सुरक्षित डाटा पैकेट की तरह होता है तो फ़ायरवॉल उसे समझ नही पाता और एक्सेस प्रदान कर देता है।
  2. सभी कंप्यूटर के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर फ़ायरवॉल बनाने की जरुरत पड़ती है। इसलिए यह सिर्फ उसी कंप्यूटर की सुरक्षा कर सकता है, जिसमे फ़ायरवॉल इनस्टॉल होता है।
  3. मार्किट में कुछ घटिया किस्म के भी फ़ायरवॉल मौजूद हैं, जो हमारे कंप्यूटर के गतिविधि को स्लो डाउन करके उसके परफॉरमेंस को ख़राब कर देते हैं।
  4. बड़ी – बड़ी कंपनियों के लिए फ़ायरवॉल को मैनेज करना आसान काम नही होता है। उनके लिए फ़ायरवॉल का मेंटेनेंस का खर्च भी बहुत अधिक आता है।

FAQs

Firewall क्या है?

फायरवाल एक प्रकार का एंटीवायरस है। जो हमारे कंप्यूटर के डाटा चोरी या फिर नष्ट होने से बचाता है। इसकी मदद से हम किसी भी Domain Name, Protocol, Program, Source/Destination Port Number, IP Adress को ब्लाक कर सकते हैं ।

Firewall कितने प्रकार के होते हैं?

फ़ायरवॉल मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं – 1. हार्डवेयर फ़ायरवॉल , 2. सॉफ्टवेर फ़ायरवॉल , 3. प्रॉक्सी फ़ायरवॉल

फायरवॉल कैसे काम करते हैं?

फ़ायरवॉल कंप्यूटर में आने वाले सभी डाटा पैकेट ( ट्रैफिक ) की जाँच करता है , जब फ़ायरवॉल को लगता है कि कोई डाटा पैकेट कंप्यूटर को नुकसान पंहुचा सकता है तो यह उस डाटा पैकेट को कंप्यूटर में जाने की अनुमति नहीं देता है ।

Conclusion

दोस्तों उम्मीद करता हूँ Firewall क्या हैं (What is Firewall in Hindi) और Firewall कैसे काम करता हैं तथा Firewall कितने प्रकार के होते हैं के बारे में आपको अच्छे से समझ में आ गया होगा, अगर फिर भी आपके मन में फ़ायरवॉल से जुड़ा कोई सवाल हैं तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं।

और जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें जिससे वे भी अपने कंप्यूटर या लैपटॉप के इस सिक्योरिटी सिस्टम के बारे में जान सके।

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