हाइड्रोजन बम का अविष्कार किसने किया और कब हुआ ~ 2021

अगर बात करे दुनिया के सबसे विनाशकारी हथियारों की तो सबसे पहले स्थान पर हाइड्रोजन बम आता है तो चलिए जानते है हाइड्रोजन बम का अविष्कार किसने किया और कब हुआ की पूरी जानकारी विस्तार से।

दोस्तों हाइड्रोजन या थर्मोन्यूक्लिअर के बारे में आपने कहीं न कही जरूर सुना होगा और यह इतना खतरनाक है की पूरी पृथ्वी को विनाश करने का दम रखता है। हालाँकि अभी तक इसका इस्तेमाल नहीं किया गया है लेकिन इसके किये गए परीक्षणों से इसके शक्ति के बारे में सभी को पता चल चूका है।

यह परमाणु बम से कई गुना ज्यादा घातक है और कुछ ही मिनटों में पृथ्वी के समस्त जीव जंतु और वनस्पति के अस्तित्व को संकट में डाल सकता है। तो चलिए जानते है इस विनाशकारी बम का अविष्कार किसने किया और यह किस किस देश के पास है।

पूरी जानकारी के लिए कृपया पोस्ट को शुरू से अंत तक ध्यानपूर्वक पूरा पढ़े और आपको हमारी यह पोस्ट अच्छी लगे तो हमें कमेंट करके जरूर बताये।

हाइड्रोजन बम क्या है

हाइड्रोजन बम जिसे H-बम भी कहां जाता है। इस बम को बनाने में हाइड्रोजन के समस्थानिक Dueterium (ड्यू टीरियम) और Titerium (टिटेरियम) की मुख्य भूमिका होती है।

इस बम को फटने के लिए बहुत ज्यादा लगभग 5 लाख डिग्री सेल्सियस तापमान की जरुरत होती है और इसका विस्फोट तीन चरणों या धमाकों में होता है। हाइड्रोजन बम के मुख्य रिएक्टर के विस्फोट के लिए पहले परमाणु सलयंन से दो धमाके कराये जाते है जो मुख्य रिएक्टर के विस्फोट के लिए तापमान या ऊर्जा उत्पन्न करते है।

यह धमाका इतना खतरनाक होता है की अगर कोई इस धमाके की रौशनी को देख ले तो वह अँधा भी हो सकता है और इस धमाके की हवा भी इंसान को कई किलोमीटर दूर तक फेंक सकती है। इस धमाके से आस पास का सारा जीवन क्षेत्र समाप्त हो जाता है।

अब अगर बात की जाये की हाइड्रोजन बम किस सिद्धांत पर कार्य करता है तो आपको बता दे यह नाभिकीय सलयंन या नियंत्रित सलयंन अभिक्रिया के सिद्धांत पर कार्य करता है जिसमे हाइड्रोजन के दो समस्थानिक मिलकर हीलियम का निर्माण करते है और उच्च मात्रा में ऊर्जा उत्पन करते है।

यह वही सिद्धांत है जो सूर्य के गर्भ में लगातार चलता रहता है और ऊर्जा उत्पन करता है। हाइड्रोजन विस्फोट के समय भी सूर्य के सतह के तापमान के बराबर तापमान उत्पन हो जाता है जो किसी भी जीवन क्षेत्र को नष्ट कर सकता है।

हाइड्रोजन बम का अविष्कार किसने किया

हाइड्रोजन बम का अविष्कार किसने किया

अब अगर बात करे की हाइड्रोजन बम का अविष्कार कब हुआ और किसने किया तो आपको बता दे दुनिया के पहले हाइड्रोजन बम का अविष्कार Edward Teller ने किया था जो एक हंगेरियन – अमेरिकी सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी या वैज्ञानिक थे जिन्हे फादर ऑफ़ हाइड्रोजन बम के रूप में भी जाना जाता है।

इस प्रकार विश्व का सबसे पहले हाइड्रोजन बम बनाने वाला देश अमेरिका बन गया था और अमेरिका ने 1 नवंबर 1952 में Edward Teller के नेतृत्व में ही प्रशांत महासागर के एक द्वीप समूह पर इस बम का परिक्षण किया था जिसका नाम Ivy Mike रखा गया था।

Edward Teller का जन्म 15 जनवरी 1908 को Hungary के Budapest शहर में हुआ था। इन्होने अपने विश्वविद्यालय स्तर तक की शिक्षा जर्मनी से प्राप्त की थी और वर्ष 1935 में Edward अमेरिका आ गए थे जहां उन्होंने हाइड्रोजन बम का निर्माण किया था।

The science of today is the technology of tomorrow. (आज का विज्ञान ही कल की तकनीक है)

Edward Teller

तो दोस्तों अब तक हम हाइड्रोजन बम क्या है और इसका अविष्कार किसने किया के बारे में जाना और आशा है आपको उक्त जानकारी पसंद आयी होगी। अब हम जानेंगे की हाइड्रोजन बम किस किस देश के पास है।

हाइड्रोजन बम किस देश के पास है

जब अमेरिका ने पहली बार हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया था तो इस परीक्षण के बाद बहुत से देशो में इस बम को बनाने की होड़ मच गयी और बहुत से सक्षम देशो ने इसका सफलतापूर्वक परिक्षण भी किया। तो चलिए जानते है किन किन देशो के पास आधिकारिक तौर पर हाइड्रोजन बम है।

  • अमेरिका
  • ब्रिटेन
  • फ़्रांस
  • चीन
  • रूस
  • भारत
  • पाकिस्तान
  • इजराइल

इस प्रकार ऊपर बताये देशो के पास हाइड्रोजन बम है और जहां तक बात करे हमारे भारत देश की तो भारत ने 1998 में हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया था।

अगर बात करे भारत के पास कितने हाइड्रोजन बम है तो आपको बता दे वर्तमान में भारत के पास हाइड्रोजन बम की संख्या का कोई निश्चित अनुमान नहीं है।

अमेरिका द्वारा जापान पर किये गए परमाणु हमले की घातकता को तो सभी देख चुके है और चूकी हाइड्रोजन बम परमाणु बम से भी हजार गुना घातक होता है इसलिए कोई भी देश इसका इस्तेमाल करना नहीं चाहेगा।

परमाणु बम और हाइड्रोजन बम में अंतर

बहुत से लोगो को परमाणु बम और हाइड्रोजन बम के मध्य confusion रहता है तो चलिए इनके बीच के अंतर को जान लेते है।

क्र.स.परमाणु बम हाइड्रोजन बम
1 परमाणु बम में क्रांतिक आकार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हाइड्रोजन बम में क्रांतिक आकार की कोई सीमा नहीं होती है।
2 यह नाभिकीय विखंडन प्रक्रिया या सिद्धांत पर आधारित होता है। यह नाभिकीय सलयंन प्रक्रिया या सिद्धांत पर आधारित होता है।
3 इसके निर्माण में यूरेनियम का इस्तेमाल किया जाता है। जबकि इसके निर्माण में ड्यू टीरियम) और टिटेरियम के मिश्रण का प्रयोग किया जाता है।
4 इसका विस्फोट सामान्य ताप और दाब पर संभव है। इसके विस्फोट के लिए उच्च ताप और दाब की जरुरत होती है।
5 परमाणु बम में H-बम के मुकाबले कम ऊर्चा मुख्त होती है यानि की यह हाइड्रोजन बम के मुकाबले कम घातक होता है। हाइड्रोजन बम में कई ज्यादा ऊर्जा मुक्त होती है और यह परमाणु बम से कई गुना ज्यादा घातक होता है।
परमाणु बम और हाइड्रोजन बम में अंतर

तो दोस्तों अब आपको परमाणु बम और हाइड्रोजन बम के मध्य अंतर का पता चल गया होगा और आशा करते है आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आयी होगी और हमारी शेयर की गयी जानकारी आपके लिए उपयोगी रही होगी।

अगर आपको हमारी यह पोस्ट हाइड्रोजन बम का अविष्कार किसने किया पसंद आयी है तो इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर जरूर करे और साथ ही साथ अगर आपको हमारी इस पोस्ट से सम्बंधित कोई भी Doubts है तो हमे कमेंट करके जरूर बताये।

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