ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है और इसकी जरुरत क्यों होती है?

दोस्तों आज की पोस्ट में हम जानेंगे की ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? (What is Operating System in Hindi), इसकी विशेषता क्या है? और Operating System हमारे कंप्यूटर के लिए क्यों जरुरी होता है?

Computer के पूर्ण रूप से संचालन के लिए कई कंपोनेंट्स की जरुरत होती है। जिनमे से एक महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स Operating System है।

आपने भी कभी Mobile या Laptop, PC खरीदते वक्त किसी शॉप पर जाकर ये जरूर पूछा होगा की Android फ़ोन लेना है। या लैपटॉप लेना है, जिसमे Windows 10 हो।

लेकिन आपने कभी इसके बारे में सोचा की आखिर ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? (What is Operating System in Hindi), यह काम कैसे करता है, और Operating System कितने प्रकार के होते है।

आपको शायद ही इसके बारे में पहले से जानकारी होगी। लेकिन इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप Operating System के बारे में अच्छे से समझ जाओगे। इसलिए पोस्ट को पूरा अंत तक जरूर पढ़े।

Table of Contents

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है (What is Operating System in Hindi)

कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों का ऐसा समूह है जो मानव और कंप्यूटर हार्डवेयर के बिच संवाद (Interface) स्थापित करता ही। इसे शॉर्ट फॉर्म OS के नाम से भी जाना जाता है।

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कंप्यूटर को ऑपरेट करने के लिए Operating System की जरुरत होती है। Operating System कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण अंग है। जो सभी प्रोग्रामों को Computer में Execute करता है।

Computer में कोई भी प्रोग्राम Run होने से पहले Operating System के संपर्क में आता है। इसे हम Master कण्ट्रोल प्रोग्राम भी कह सकते है। क्योकिं Computer में Run होने वाले सॉफ्टवेयर को ऑपरेटिंग सिस्टम ही कण्ट्रोल करता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम का मुख्य रूप से यही कार्य है की हमारे द्वारा दिए निर्देशों को कंप्यूटर Input के रूप में लेना और उन्हें प्रोसेस करके Output के रूप में Execute करना है।

अब आपको समझ में आ गया होगा की हमारे कंप्यूटर में जितने भी सॉफ्टवेयर है। उन्हें चलाने के लिए हमे ऑपरेटिंग सिस्टम की जरुरत पड़ती है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के नाम

कार्य के हिसाब से अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम होते है। यहाँ में कुछ ऑपरेटिंग सिस्टम का नाम बताने वाला हूँ जिनका लोगो द्वारा ज्यादा उपयोग किया जाता है।

  1. Linux Operating System
  2. Google`s Android OS
  3. Apple Ios
  4. Apple macOS
  5. Microsoft Windows

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार (Types of Operating System in Hindi)

जैसे-जैसे Computer अपने क्षेत्र में विस्तार कर रहा है। उसी प्रकार से यह अपने क्षेत्र में बड़े कामो के लिए भी उपयोग किया जा रहा है।

किसी हैवी सॉफ्टवेयर को ऑपरेट करने के लिए हैवी Operating system की जरुरत पड़ती है। इसलिए काम के आधार पर Operating System को अलग-अलग भागो में बाटा गया है।

अब आप समझ गए होंगे की Operating System उपयोग और जरुरत के हिसाब से अलग-अलग प्रकार के होते है।

1. Batch Processing Operating System in Hindi

Batch Processing Operating System में एक जैसे सभी कार्यो को एक बैच में संगठित करके साथ में क्रियान्वित (Processing) किया जाता है।

इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम में बैच मॉनिटर सॉफ्टवेयर का प्रयोग ऐसे कार्यो के लिए किया जाता है। जिसमे यूजर को इंटरफेयर करने की आवयश्कता नहीं पड़े।

इनका उपयोग Numerical Analysis, Bill Printing, पेरोल आदि में उपयोग किये जाते है।

2. Single User Operating System

सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम में एक बार में केवल एक यूजर को ही कार्य करने की अनुमति दी जाती है। एक साथ एक से अधिक यूजर इसपर काम नहीं कर सकते है। यह सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है।

3. Multi User Operating System

इस ऑपरेटिंग सिस्टम में एक साथ एक से अधिक यूजर काम कर सकते है। और यह सभी यूजर के बिच संतुलन बनाये रखता है। तथा प्रत्येक यूजर की जरूरतों को पूरा करता है।

4. Multi Programming Operating System in Hindi

इस ऑपरेटिंग सिस्टम में User अपने कंप्यूटर में एक से अधिक कार्यो को एक साथ Run कर सकता है। तथा आसानी से एक से दूसरे काम में स्विच कर सकता है। इसे आमतौर पर दो भागो में बाटा गया है।

Preemptive Multitasking Operating System

इस प्रकार के Operating System को कई प्रोग्राम्स और हार्डवेयर डिवाइसेस शेयर करते तथा इनका प्रयोग करते है। यह अपने Computation Time को कार्यो के अंदर Devide कर देता है।

और किसी निर्धारित मापदण्ड (Predefined Criteria) के आधार पर किसी प्रोग्राम को पहले से चल रहे प्रोग्राम को रोककर भी Run कर सकता है।

Co-Operating Multitasking Operating System

यह मल्टीटास्किंग का एक सरलतम रूप होता है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम में एक प्रोग्राम तब तक CPU का प्रयोग करता है जब तक उसे आवयश्कता होती है।

अगर CPU में कोई प्रोग्राम Run नहीं हो रहा होता है। तो आप किसी अन्य प्रोग्राम को इसमें चला सकते है।

5. Time Sharing Operating System

इस ऑपरेटिंग सिस्टम में एक साथ एक से अधिक यूजर कंप्यूटर के प्रोग्राम का उपयोग कर सकते है। इस कार्य में, कंप्यूटर अपने संसाधनों के उपयोग हेतु प्रत्येक यूजर या प्रोग्राम को एक टाइम आवण्टित (Allote) करता है। जिसे टाइम स्लाइस या क्वांटम कहते है।

इस ऑपरेटिंग सिस्टम में Time Management की आवयश्कता होती है। और इसमें मेमोरी का सही Management की आवयश्कता होती है, क्योकिं कई प्रोग्राम एक साथ मुख्य मेमोरी में उपस्थित होते है।

टाइम मैनेजमेंट व्यवस्था में सभी प्रोग्राम टाइम स्लाइस के आधार पर मुख्य मेमोरी में बारी-बारी से लाए जाते है। और टाइम स्लाइस पूर्ण होने पर मेमोरी में भेज दिए जाते है। इस प्रक्रिया को स्वैपिंग कहा जाता है।

6. Real Time Operating System in Hindi

यह एक ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसमे रियल टाइम एप्लीकेशन का Execution किया जाता है। जैसे एयर क्राफ्ट में प्रयोग होने वाले ऑटोपायलट मैकेनिज्म।

इसमें एक प्रोग्राम के आउटपुट को दूसरे प्रोग्राम के आउटपुट की तरह प्रयोग किया जा सकता है। इसलिए पहले प्रोग्राम के Excution में देरी होने से दूसरे प्रोग्राम का परिणाम और Excution रुक सकता है।

रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम में किसी भी दिए गए कार्य को पूरा करने की एक डेडलाइन दी होती है। तथा इसी निर्धारित समय में उस कार्य को पूरा करना होता है।

रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम मुख्य रूप से दो प्रकार के होते है।

Hard Real Time Operating System

यह सिस्टम किसी महत्वपूर्ण कार्य को समय पर पूरा करने की गारण्टी देता है। अगर समय पर कार्य पूरा नहीं होने की स्तिथि में प्रोग्राम का निष्पादन (Performance) फ़ैल हो जाता है।

Soft Real Time Operating System

इस सिस्टम में किसी कार्य को पूरा करने के लिए डेडलाइन दी जाती है। किन्तु इसमें कार्य का निष्पादन फ़ैल नहीं होता है। क्योंकि कार्य का निष्पादन डेडलाइन के पहले या बाद में भी पूर्ण हो सकता है।

7. Distributed Operating System

इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम में बहुत सारे इंडिपेंडेंट कंप्यूटर को जोड़कर एक सिंगल सिस्टम की तरह उपयोग किया जाता है। इसमें यह जरुरी नहीं है की सारे कंप्यूटर एक ही जगह पर हो। चाहे कंप्यूटर अलग-अलग जगह पर हो तो भी उन्हें आपस में जोड़ा जा सकता है।

इन कंप्यूटर को आपस में Local Area Network और Wide Are Network तकनीक के माध्यम से जोड़ा जाता है। एक सिमित क्षेत्र में Computero को आपस में जोड़ना LAN या Local Area Network कहलाता है।

वही एक-दूसरे से हजारो किलोमीटर Computero को आपस में जोड़ने को WAN या Wide Area Network कहते है। जब बहुत सारे LAN किसी नगर के अंदर एक-दूसरे से जुड़े रहते है। तो इस प्रकार के नेटवर्क को मेट्रोपोलिटिन एरिया कहा जाता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य- Function of Operating System in Hindi

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? (What is Operating System in Hindi) और इसके प्रकार के बारे में तो आप समझ गए होंगे। अब हम इसके कार्य क्या होते है इसके बारे में जान लेते है। किस प्रकार कंप्यूटर के ON होने के बाद ऑपरेटिंग सिस्टम लोड होता है। और यूजर द्वारा ओपन किये सॉफ्टवेयर को Execute करता है।

Processing Management

कंप्यूटर के CPU (Central Processing Unit) के Management का कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम ही करता है। इसमें सभी Program एक-एक करके Execute होते है। Operating System सभी प्रोग्रामों के समय को सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट के लिए विभाजित कर देता है।

Memory Management

प्रोग्राम के सफल Excution के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम मेमोरी Management का महत्पूर्ण कार्य करता है। जिसमे मेमोरी में कुछ स्थान सुरक्षित रखे जाते है।

जिसका विभाजन प्रोग्रामो के मध्य किया जाता है। साथ में इस बात का ध्यान भी रखा जाता है की प्रोग्रामों को मेमोरी के अलग- अलग स्थान प्राप्त हो सके।

किसी प्रोग्राम इनपुट या आउटपुट करते समय आंकड़ों एवं सूचनाओं को अपने निर्धारित स्थान में संगृहीत करने का कार्य भी ऑपरेटिंग सिस्टम का ही होता है।

Input-Output Management

डाटा को इनपुट यूनिट से पढ़कर मेमोरी में उचित स्थान पर Store करने एवं प्राप्त परिणाम को मेमोरी से Output यूनिट तक पहुंचने का कार्य भी ऑपरेटिंग सिस्टम का ही होता है।

इसके लिए BIOS (Basic Input-Output System) का उपयोग किया जाता है। इसमें बूट फर्मवेयर और पावर Management सम्मिलित होते है।

Programming के वक्त Computer को सिर्फ यह निर्देश दिया जाता है। की हमे क्या Input करना और Output क्या लेना है, बाकि का काम Operating System ही करता है।

File Management

Operating System फाइलों को सुव्यवस्थित ढंग से किसी डायरेक्टरी में Store करने की सुविधा प्रदान करता है। किसी प्रोग्राम के Excution के समय इसे Secondary Memory से पढ़कर Primary Memory में डालने का कार्य भी Operating System द्वारा ही किया जाता है।

Security

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है और इसकी जरुरत क्यों होती है?

हम अपने Documents को Private रखने के लिए अपने सिस्टम के लिए पासवर्ड सेट कर सकते है। या फिर अलग से यूजर ऐड करके पासवर्ड सेट कर सकते है। जिससे System को तो कोई भी उपयोग में ले पायेगा लेकिन वो आपके Documents नहीं देख पायेगा। यह सुविधा हमे ऑपरेटिंग सिस्टम ही प्रदान करता है।

Error Detecting

किसी प्रोग्राम में काम करते वक्त सॉफ्टवेयर हैंग हो जाता है या कोई Error आ जाता है। तो यह उसे Detect कर लेता है। ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा एरर को रिकवर करने का काम भी किया जाता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम क्यों आवयश्यक है

जैसा की मैंने आपको पहले ही बताया है की ऑपरेटिंग सिस्टम User और Computer Hardware के बिच समबन्ध स्थापित करता है। जिसे हम यूजर इंटरफेस कहते है। और बिना OS के कंप्यूटर और यूजर के बिच किसी भी प्रकार का सम्बन्ध स्थापित नहीं हो पायेगा।

जिससे आप अपने कंप्यूटर में किसी भी प्रकार की क्रिया नहीं कर पाओगे। इससे आप समझ सकते है की बिना OS के कंप्यूटर एक खली डिब्बे के समान होता है।

क्योंकि Memory Management, File Management, Programming Management और Input-Output Management आदि OS के द्वारा किये जाने वाले कार्य नहीं हो पाएंगे।

यूजर इंटरफ़ेस क्या होता है

किसी कंप्यूटर सिस्टम और यूजर के बिच संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया को यूजर इंटरफ़ेस (User Interface) कहते है। यूजर इंटरफ़ेस को ऐसे साधनो की संज्ञा दी जाती है, जो किसी Programmer को प्रभावित करता हो।

यूजर इंटरफ़ेस मुख्य रूप से दो प्रकार के होते है-

Character User Interface (CUI)

इसे Command Line Interface के नाम से भी जाना जाता है। इस प्रकार के इंटरफ़ेस में यूजर को प्रत्येक कमाण्ड के लिए भिन्न Key दबानी पड़ती है। इसे कमाण्ड-ड्रिवन यूजर इंटरफ़ेस भी कहा जाता है। Dos एवं Unix Operating System करैक्टर यूजर इंटरफ़ेस के अंतर्गत आते है।

Graphical User Interface (GUI)

इस इंटरफ़ेस में ग्राफ़िक्स का प्रयोग कर स्क्रीन पर प्रदर्शित तत्वों, जैसे- चित्र, आइकॉन, Menu या Window के प्रयोग से किया जाता है। Windows, Macinntosh, Motif, Linux आदि ऑपरेटिग सिस्टम ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस के अंदर ही आते है।

What is Operating System in Hindi

FAQ

  1. दुनिया का सबसे छोटा ऑपरेटिंग सिस्टम कौन सा है?

    दुनिया का सबसे छोटा ऑपरेटिंग सिस्टम KOLIBRI O.S है। जो GUI (Graphical User Interface) के साथ मिलता है। इसकी साइज बहुत ही छोटी होती है। 1.2 MB या 3MB होता है।

  2. दुनिया का पहला ऑपरेटिंग सिस्टम कौनसा है?

    दुनिया का पहला ऑपरेटिंग सिस्टम IBM OS 360 है।

  3. ऑपरेटिंग सिस्टम को कंप्यूटर की मेमोरी में लोड करने को कहा जाता है?

    ऑपरेटिंग सिस्टम को कंप्यूटर की मेमोरी में लोड करने की प्रक्रिया को बूटिंग कहा जाता है। और यह कार्य Boot Strap Loader द्वारा किया जाता है। जिसे बूट लोडर या बूट मैनेजर के नाम से भी जाना जाता है।

  4. बैच ऑपरेटिंग सिस्टम के दो फायदे

    1.बेच ऑपरेटिंग सिस्टम में Input डाटा के लिए किसी विशेष Hardware की मदद की जरुरत नहीं पड़ती है।
    2. इसमें आप Offline काम कर सकते है, जिससे Processor पर इतना लोड नहीं पड़ेगा।

  5. ऑपरेटिंग सिस्टम के क्या लाभ है?

    ऑपरेटिंग सिस्टम से हम डाटा को अनेक यूजर के साथ शेयर कर सकते है।
    इससे हम अपने कंप्यूटर में एरर का पता लगा सकते है।
    सभी इनपुट और आउटपुट डिवाइस OS द्वारा कंट्रोल किये जाते है।

  6. पॉपुलर कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम कौनसा है?

    पॉपुलर कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम Windows है। जिसे कंप्यूटर और लैपटॉप में उपयोग किया जाता है।

  7. पॉपुलर मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम कौनसा है?

    पॉपुलर मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम Android है। जो दुनिया में सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है।

Conclusion

दोस्तों मुझे पूरी उम्मीद है की मेरे द्वारा दी गई जानकारी कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? (What is Operating System In Hindi) आपको अच्छी लगी होगी।

इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार (Types of Computer Operating System in Hindi) के बारे में जान गए होंगे।

दोस्तों अगर आपका Computer Operating System in Hindi से जुड़ा कोई सवाल या सुझाव हो तो हमे कमेंट करके जरूर बताये।

पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों के साथ Social Media पर शेयर करे। इससे उन्हें भी कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में जानकारी मिल सके।

मेरा नाम Ram Gadri है। मैं इस Blog का Founder और Content writer हूँ। हमारा इस Blog को बनाने का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषी लोगों को इंटरनेट से जुड़ी जानकारी प्रदान करवाना है। यहाँ आपको शिक्षा, तकनिकी, कंप्यूटर और मेक मनी से जुड़ी हर तरह की जानकारी अपनी मातृ भाषा में मिलने वाली है।

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