Radio का अविष्कार किसने किया और कब किया था 2021

इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं रेडियो के बारे में जिसमे हम जानेंगे की Radio का अविष्कार किसने किया और कब किया गया पूरी जानकारी विस्तार से।

दोस्तों रेडियो जिसका इस्तेमाल पहले के लोग कोई समाचार या और भी कुछ मनोरंजन प्रोग्राम को सुनने के लिए किया करते थे और हो सकता हैं शायद आपने भी इसका इस्तेमाल किया हो या देखा हो लेकिन अभी हमे रेडियो कही देखने को ही नहीं मिलता हैं क्योकि इसका इस्तेमाल बिलकुल कम हो गया हैं और कुछ शौकीन लोग ही इसका इस्तेमाल करते हैं।

पहले के समय में रेडियो की बहुत लोकप्रियता थी लेकिन उसके बाद जब टेलीविज़न और मोबाइल्स का अविष्कार हुआ तो उसके बाद धीरे-धीरे रेडियो का इस्तेमाल बिलकुल ना के बराबर हो गया हैं। लेकिन आज भी हमे हमारे स्मार्टफोन या मोबाइल में एक रेडियो का ऑप्शन मिल जाता हैं।

इस आर्टिकल में हम बात करेंगे की रेडियो अविष्कारक कौन हैं लेकिन पहले हम जान लेते हैं की रेडियो क्या है क्योकि अभी भी बहुत से लोग होंगे जिन्हे रेडियो के बारे में जानकारी नहीं होगी।

Radio क्या हैं?

रेडियो एक ऐसा यंत्र हैं जिसके माध्यम से बिना किसी तार की सहायता से संदेशो को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सकता हैं। वर्तमान में हमे जो छोटे बड़े संचार के साधन देखने को मिलते हैं वह सब रेडियो तकनीक पर ही आधारित हैं।

यह एक ऐसी तकनीक हैं जिसमे रेडियो तरंगो के माध्यम से सिग्नल्स भेजे जाते हैं और किसी संदेश को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा जा सकता हैं।

वर्तमान में हमे रेडियो की आधुनिक तकनीक देखने को मिलती हैं जिसके माध्यम से एक रेडियो स्टेशन से रेडियो तरंगो के माध्यम से लाखो या करोडो लोगो तक सन्देश पहुंचाया जा सकता हैं।

अगर बात करे रेडियो तरंगो की तो रेडियो तरंगे विधुत चुंबकीय तरंगे होती हैं जिनकी फ्रीक्वेंसी 30Hz से 300GHz तक होती हैं।

Radio का अविष्कार किसने किया

Radio का अविष्कार किसने किया

अगर बात करे रेडियो के अविष्कारक की तो किसी भी अविष्कार के पीछे बहुत से वैज्ञानिको का योगदान होता हैं जिसमे कोई उस अविष्कार की थ्योरी देता हैं तो कोई उस पर काम करता हैं और उसे पूरा करता हैं।

उसी प्रकार रेडियो के बारे में भी गूगल में जब हम रेडियो का अविष्कार किसने किया सर्च करते हैं हमे Guglielmo Marconi और Reginald Fessenden दो वैज्ञानिको के नाम देखने को मिलते हैं।

लेकिन रेडियो के अविष्कार का मुख्य श्रेय गूल्येलमो मार्कोनी(Guglielmo Marconi) को ही जाता हैं। क्योकि इन्होने ही रेडियो का सफलतापूर्वक अविष्कार किया था और इसी कारण गूल्येलमो मार्कोनी को रेडियो तकनीक का अविष्कारक माना जाता हैं।

Guglielmo Marconi का पूरा नाम Guglielmo Giovanni Maria Marconi हैं जिनका जन्म 25 अप्रैल 1874 में इटली में हुआ था। इन्हे 1909 में भौतिक विज्ञानं में नोबेल प्राइज से नवाजा गया था।

Radio का अविष्कार कब हुआ

अब अगर बात करे रेडियो के अविष्कार के समय की तो 1880 के दशक में Heinrich Rudolf Hertz ने विधुत चुंबकीय तरंगो की व्याख्या या खोज की थी और उसके बाद उनकी इस खोज पर किताब लिखी गयी जिनमे उनके विफल प्रयोगो और विधुत चुंबकीय तरंगो की सफलतापूर्वक खोज की पूरी जानकारी दी गयी थी।

इस किताब को दुनियाभर के वैज्ञानिको द्वारा पढ़ा गया और जिनमे से जगदीश चंद्र बसु जी ने भी इस किताब को पढ़ा था और इस किताब से प्रेरित होकर उन्होंने एक उपकरण बनाया और प्रदर्शनी के दौरान उन्होंने विधुत चुंबकीय तरंगो के माध्यम से दूर रखी घंटी को बजाकर दिखाया था।

उसके बाद 1890 के दशक में गूल्येलमो मार्कोनी ने रेडियो का अविष्कार किया था। USA पेटेंट के रिकॉर्ड के अनुसार गूल्येलमो मार्कोनी ने 1896 में रेडियो का अविष्कार किया था।

Radio का अविष्कार कैसे हुआ

मार्कोनी का बचपन से ही विज्ञान के क्षेत्र में बहुत लगाव था और वह अपने घर के एक कमरे में अपनी प्रयोगशाला में पुरे दिन कुछ न कुछ काम करते रहते थे और उनके इस कार्य से उनके पिता थोड़े नाखुश थे लेकिन उनकी माँ उनका पूरा सपोर्ट करती थी।

वह अपने काम में इतने व्यस्त रहते थे की वह अक्सर खाना खाने भी नहीं आते थे और उनकी माँ उन्हें खाना भी उनके प्रयोगशाला में ही देने जाती थी। मार्कोनी को 20 वर्ष की उम्र में विधुत चुंबकीय तरंगो के विषय में जानकारी हुई थी और उसके बाद उनकी कल्पना थी की इन तरंगो के माध्यम से सन्देश को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा जा सकता हैं।

उस समय तक संदेशो को तार की सहायता से एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा जाता था और उसके बाद मार्कोनी ने अपनी कल्पना को हकीकत में बदलने के ऊपर काम करना शुरू कर दिया।

उसके बाद 1994 की एक रात वह जब अपने कमरे से नीचे आये और अपनी माँ को नींद से जगाकर अपनी प्रयोगशाला में लेकर गए और अपनी माँ को एक घंटी दिखाई जो की कुछ उपकरणों के मध्य लगी थी और उसके बाद वह स्वयं कमरे के दूसरे कोने में चले गए।

उसके बाद उन्होंने एक मोर्स कुंजी को दबाया जिससे एक हल्की चिंकारी हुई और घंटी जोकि 30 फ़ीट दूर पड़ी थी अचानक बजने लगी और बिना किसी तार के केवल तरंगो के माध्यम से घंटी का बजना उनके लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी।

उस समय उनकी माँ को वह सब कुछ समझ नहीं आया था लेकिन उसके बाद जब मार्कोनी ने बिना किसी तार से अपने संदेशो को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजकर दुनिया को दिखाया तो उसके बाद उनकी माँ को उनके पुरे अविष्कार की जानकारी हुई।

उसके बाद उन्होंने अपने इस उपलब्धि के आधार पर और भी काम किया और 1996 में महज 22 साल की उम्र में रेडियो का अविष्कार किया और इसी की बदौलत 1909 में उन्हें नोबेल पुरस्कार भी दिया गया।

भारत में Radio का अविष्कार कब हुआ

अगर बात करे भारत में रेडियो के प्रसारण की तो भारत में रेडियो प्रसारण की शुरुआत 1920 के दशक में शुरू हो गया था और उसके बाद रेडियो पर पहला कार्यक्रम 1923 में मुंबई के रेडियो क्लब से शुरू किया गया था।

उसके बाद 1927 में मुंबई और कोलकाता के दो निजी ट्रांसमीटरों से रेडियो का प्रसारण शुरू किया गया और लगभग 1936 तक उन ट्रांसमीटरों को सरकार ने अपने स्वामित्व में ले लिया और उसके बाद भारतीय प्रसारण सेवा नाम से रेडियो सेवा प्रारम्भ की गयी और बाद में इसका नाम All India Radio कर दिया गया।

पहला रेडियो स्टेशन कहा स्थापित किया गया था?

दुनिया का पहला रेडियो स्टेशन New York शहर में स्थापित किया गया था।

भारत का सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला रेडियो चैनल कौनसा हैं?

भारत में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला रेडियो चैनल 93.5 FM हैं।

भारत में कुल कितने रेडियो स्टेशन हैं?

भारत में कुल 231 रेडियो स्टेशन हैं जो आकाशवाणी के स्वामित्व में हैं।

तो दोस्तों आशा करते हैं आपको हमारी यह पोस्ट जरूर पसंद आयी होगी और साथ ही साथ हमारी शेयर की गयी जानकारी आपके लिए हेल्पफुल रही होगी।

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