Computer क्या हैं? कंप्यूटर की परिभाषा और इतिहास।

What is Computer in hindi -वर्तमान में कंप्यूटर लोगो के जीवन का एक हिस्सा बन चूका है। और कंप्यूटर के बारे में बेसिक जानकारी होना बहुत ही जरुरी है।जैसे जीवन में शिक्षा का होना जरुरी है। वैसे ही Computer ke baare me jankari होना भी बहुत जरुरी है।

इसलिए आज की इस पोस्ट में आपको कंप्यूटर से जुड़ी बुनियादी जानकारी (Basic knowledge of computer in hindi) मिलने वाली है।

जैसे कंप्यूटर क्या है ?(what is computer in hindi), कंप्यूटर की परिभाषा (computer definition in hindi).कप्यूटर का परिचय (computer introduction in hindi), कंप्यूटर के प्रकार (types of computer in hindi), कंप्यूटर का इतिहास (computer history in hindi), कंप्यूटर की पीढ़िया (generations of computers).

कई सारे काम ऐसे है जो बिना कंप्यूटर के असंभव है। लोग अपनी स्किल और जानकारी से कंप्यूटर से घर बैठे पैसे भी कमा रहे है। और इस डिजिटल ज़माने में कंप्यूटर की लोकप्रियता और भी बढ़ती जा रही है।

Table of Contents

कंप्यूटर क्या है ? (What is Computer in hindi)

कंप्यूटर एक डाटा प्रॉसेसिंग डिवाइस है। Computer का उपयोग पहले जटिल गणितीय गणनाओ को करने के लिए किया जाता था। Computer शब्द लेटिन भाषा के Compute शब्द से बना है। जिसका मतलब गणना करना होता है।

Computer का सही मतलब देखा जाये तो गणना करने वाला होता है। कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जो गणना करती है या गणना करने में हमारी मदद करती है। गणितीय गणना करना कंप्यूटर द्वारा किये जाने बहुत से कार्यो का एक छोटा सा भाग है।

धीरे-धीरे कंप्यूटर की क्षमताओं के अनुसार इसका उपयोग अलग-अलग कार्य क्षेत्रों में किया जाने लगा। और अब कई सारे काम ऐसे है जो बिना कंप्यूटर की मदद से करना असंभव है।

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है ?(Computer full form in hindi)

कंप्यूटर के बारे में तो आप लोग जानते ही होंग। लेकिन Computer के फुल फॉर्म के बारे में सभी लोगो को पता नहीं होता है। Computer शब्द में सभी वर्णो का अलग-अलग अर्थ होता है।

  • C – Commonly
  • O – Operated
  • M – Machine
  • P – Particularly
  • U – Used for
  • T – Technical and
  • E – Educational
  • R – Research

Hindi meaning of computer – संगणक

कंप्यूटर की परिभाषा क्या है ? (Computer Definition in Hindi)

कंप्यूटर एक स्वचालित तथा मनुष्य द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार चलने वाली Electronic Device है। जिसमे डाटा को प्राप्त करके संग्रहित करने तथा उसे फिर से प्रदर्शित करने की क्षमता है। Computer द्वारा प्राप्त डाटा को विभिन्न रूपों में प्रदर्शित कर सकते है।

Computer की मूल सरंचना समान होती है। भले ही कंप्यूटर छोटा या बड़ा हो। कंप्यूटर डाटा को Input के रूप में लेता है। फिर उस डाटा को Processing करके Output के रूप में इसे प्रदर्शित करता है।

इसे हम सीधे ऐसे समझ सकते है। कंप्यूटर हमारे दिए निर्देशानुसार डाटा को अपने अंदर लेता है अर्थात input करता है। उसके बाद यह उस डेटा की processing करता है। फिर हमारे निर्देशानुसार उस डाटा को output के रूप में प्रदर्शित करता है।

कंप्यूटर का इतिहास (Computer History in hindi)

कंप्यूटर का इतिहास बहुत ही पुराना है। लेकिन आधुनिक कंप्यूटर को अभी अस्तित्व में आये हुए लगभग 50 वर्ष ही हुए है। इसलिए कंप्यूटर के इतिहास के बारे में जानना भी जरुरी है।

  • Abacus – abacus का अविष्कार 1602 में चीन में हुआ। ये एक मैकेनिकल युक्ति है। जिसका उपयोग मुख्य रूप से गणितीय गणना जैसे जोड़ने, घटाने तथा वर्गमूल निकलने के लिए किया जाता था। इसमें horizontal तारों में मोती होते है जिनके द्वारा गणना की जाती थी।
  • Napier’s Bones – इसका अविष्कार 1617 में जॉन नेपियर ने किया। इसका उपयोग गुणे को शीग्रता से करने के लिए किया जाता था। और इसमें गुणात्मक परिणाम को ग्राफिकल संरचना द्वारा दर्शाया जाता था।
  • Pascaline – इसका अविष्कार 1642 में ब्लेज पास्कल द्वारा किया गया। यह प्रथम मैकेनिकल एडिंग मशीन थी। और यह ऑडोमीटर और घड़ी के सिध्दांत पर काम करती है। प्रयोग मुख्य रूप से संख्याओं को जोड़ने और घटाने के लिए किया जाता था।
  • Jacquard Loom(1801) – जोसेफ मेरी जैकार्ड द्वारा अविष्कृत इस मशीन का उपयोग कपड़ो में डिज़ाइन डालने के लिए किया जाता था।
  • Analytical engine – 1837 में चार्ल्स बैबेज इसका अविष्कार किया गया। यह मशीन आधुनिक कम्प्यूटरो का प्रारूप है।
  • Tabulating Machine – इस मशीन का उपयोग 1890 में जनगणना में किया गया था। संख्या पढ़ने का काम इसमें छेद किये हुए कार्डो द्वारा किया जाता था। और इसका अविष्कार 1880 में हर्मन हॉलेरिथ ने किया था।
  • Mark – 1 – हावर्ड आइकन द्वारा अविष्कृत यह विश्व का प्रथम पूर्ण स्वचालित विधुत गणना करने वाला यन्त्र था।

कंप्यूटर की पीढ़िया (Generations of the Computers)

कंप्यूटर का इतिहास लगभग 3000 वर्ष से भी पुराना है। और इसको बनाने में किसी एक वैज्ञानिक का योगदान नहीं रहा है। कंप्यूटर को उसकी कार्य क्षमता और विकास के अनुसार विभाजित किया गया है।

कंप्यूटर को 5 पीढ़ियों (generations of computer 1st to 5th) में विभाजित किया गया है। जो वर्तमान में कंप्यूटर है उनको कंप्यूटर की पाँचवी पीढ़ी में रखा गया है। अब हम सभी पीढ़ियों के बारे में डिटेल में जान लेते है।

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी 1942-1954 (first generation of computer)

इस जनरेशन के कंप्यूटर में Vacuume tubes का उपयोग किया जाता था। और ये बिजली के प्रवाह को नियंत्रित कर सकता था। इस जनरेशन के कंप्यूटर साइज में बहुत ही बड़े और ज्यादा महंगे थे। और इन्हे उसे करना भी बहुत कठिन था।

ये कंप्यूटर व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं थे। और ये बिजली की भी बहुत ही ज्यादा खपत करते थे। ज्यादा गर्म होने के कारण इनके लिए Ac की जरुरत होती थी। पहेली पीढ़ी में खोजे गए कंप्यूटर-

  1. ENIAC – Electronic Numerical Integrator And Computer
  2. EDSAC – Electronic Delay Storage Automatic Calculator
  3. EDVAC – Electronic Discrete Variable Automatic Calculator

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर वजन में बहुत ही भारी थे। एक कंप्यूटर का वजन लगभग 30 टन तक था। और Vaccume tubes भी लगभग एक कंप्यूटर में 20 हजार तक होती थी।

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी 1952 -1964 (Second Generation of Computers)

इस जनरेशन के कंप्यूटर में Transistor का उपयोग किया गया। जो की एक अर्द्चालक है। इसका उपयोग बिजली को नियंत्रित करने के लिए किया जाता था।

ये कंप्यूटर आकार में first generation computer से छोटे तथा तेज और विश्वसनीय थे। और इनमे पहली पीढ़ी के कंप्यूटर की तुलना में बिजली की कम खपत होती थी। लेकिन ज्यादा गरम होने के कारण इन्हे भी Ac की जरुरत होती थी।

दूसरी पीढ़ी में खोजे गए मुख्य कंप्यूटर-

  1. IBM 1620
  2. IBM 7094
  3. CDC 1604
  4. CDC 3600
  5. UNIVAC 1108

कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी 1964-1972 (Third Generation of Computer)

कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी में IC (Integrated Circuits) का उपयोग होने लग गया था। ये एक चिप के आकर की होती है। जिसे SSI या MSI के नाम से जाना जाता है।

एक IC में कई सारे ट्रांजिस्टर का उपयोग किया जा सकता था। ये कंप्यूटर पहले से तेज तथा आकर में भी छोटे थे। और इनके रखरखाव की जरुरत भी पहले के कंप्यूटर से कम थी।

इनका उपयोग व्यावसायिक तौर पर भी होने लगा था। इनमे बिजली की खपत पहले से कम होती थी। लेकिन गर्म होने के कारण AC की जरुरत इन्हे भी होती थी। इस जनरेशन के मुख्य कंप्यूटर –

  1. IBM- 360 Series
  2. Honeywell -6000 series
  3. IBM -370/168
  4. TDC – 361

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी 1972-1989 (Fourth generation of computers)

इस जनरेशन में VLSI (Very Large Scale Integration) का उपयोग होने लग गया था। जिसमे एक ही चिप पर 10,000 से 1,00,000 तक अवयव लगाए जा सकते थे।

ये कंप्यूटर काफी छोटे,पोर्टेबल तथा बहुत ही तेज और विश्वसनीय थे। और ये आसानी से उपलब्ध भी होने लग गए थे। ये पहेले वाले कंप्यूटर की तुलना में बहुत ही सस्ते मिलते थे। और ये गर्म भी बहुत ही कम होते थे।

  1. DEC 10
  2. STAR 1000
  3. PDP 11
  4. CRAY-1
  5. CRAY-X-MP

कंप्यूटर की पाँचवी पीढ़ी 1989-अब तक (Fifth Generation of Computer)

इन कंप्यूटर में ULSI (Ultra Large Scale Integration) का उपयोग होता है। इनमे एक ही चिप पर 10 लाख से 1 करोड़ Components लग सकते है। ये कंप्यूटर parallel processing और software artificial intelligence पर आधारित होने लग गए थे।

ये कम कीमत में ज्यादा Powefull कंप्यूटर उपलब्ध हो जाते है। ये Superconductor technology में अग्रिम थे। इस जनरेशन के मुख्य कंप्यूटर –

  1. Desktop
  2. Laptop
  3. NoteBook
  4. UltraBook
  5. ChromeBook

कंप्यूटर के भाग (parts of the computer)

कंप्यूटर कई भागो से मिलकर बना होता है। और सभी भागो का काम अलग-अलग होता है। कंप्यूटर के मुख्य भाग निम्न है।

1. इनपुट इकाई

इनपुट उपकरण का कार्य उन्हें अपनी भाषा में जो भी डाटा मिले उसे बाइनरी कोड में बदलकर कंप्यूटर(CPU) में भेजना है। इनका मुख्य कार्य यूजर द्वारा दिए निर्देश को कंप्यूटर द्वारा स्वीकार किये जाने वाले रूप में बदलना है। कीबोर्ड, माउस,जॉयस्टिक, ऑप्टिकल रीडर, ट्रैक बॉल आदि इनपुट उपकरण है।

2. आउटपुट इकाई

आउटपुट उपकरणों द्वारा कंप्यूटर में उपलब्ध परिणाम जो बाइनरी कोड में होते है। इनको हमारे निर्देशानुसार बदलकर हमे उपलब्ध करना है। और कंप्यूटर द्वारा दिए परिणामो को Secondary memory में store करना तथा सूचना और संदेशो को तुरंत प्रदर्शित करने का काम भी आउटपुट उपकरणों द्वारा ही किया जाता है।

3. सेंट्रल प्रोसेसिंग इकाई (Central Processing Unit)

सेंट्रल प्रोसेसिंग इकाई को CPU के नाम से भी जाना जाता है।असल में कंप्यूटर CPU ही होता है। इसे कंप्यूटर का ह्रदय या मस्तिष्क कहा जाता है। कंप्यूटर में किये जाने वाले सभी कार्य इसके द्वारा ही किये जाते है। CPU मुख्य तौर से ALU (Arithmetic and Logic Unit) और CU (Controle Unit) से मिलकर बना होता है।

Computer क्या हैं? कंप्यूटर की परिभाषा और इतिहास।

4. मेमोरी इकाई

आधुनिक कंप्यूटरो में मेमोरी एक प्रमुख भाग है। मेमोरी कंप्यूटरो में Information Storage की सुविधा प्रदान करती है। मेमोरी कंप्यूटर के CPU का एक भाग होती है।

मेमोरी दो प्रकार की होती है ,Promary Memory और Secondary Memory. Primary Memory सीधे CPU से जुड़ी होती है। और इसमें स्टोर डाटा को ये Continiou Read करती है। Secondary Memory कंप्यूटर से बहार लगी होती है। और इसका मुख्य कार्य डाटा को स्टोर करना है। इसमें डाटा स्टोर करने की क्षमता प्राथमिक मेमोरी से ज्यादा होती है।

कम्प्यूटरों का वर्गीकरण (Classification of the Computers)

कंप्यूटर क्या है? (What is Computer in hindi) इस पोस्ट में अब तक आपको कंप्यूटर से जुड़ी काफी हद तक जानकारी मिल चुकी है। अब हम कम्प्यूटरों के वर्गीकरण (Classification of the Computers) के बारे में जान लेते है।

कंप्यूटर का उपयोग विभिन्न क्षेत्रो में अलग -अलग कार्यो के लिए आवश्यकता के अनुसार किया जाता है। सभी कम्प्यूटरों की मूल संरचना सामान होने के बावजूद उद्देश्य और क्षमता के अनुसार कंप्यूटर अलग – अलग होते है।

कंप्यूटर का अनुप्रयोग, उद्देश्य तथा आकार एवं क्षमता के अनुसार 3 आधारों पर वर्गीकरण किया गया है।

अनुप्रयोगों के आधार पर कंप्यूटर

सभी कार्य क्षेत्रो में उद्देश्य और क्षमता के अनुसार अलग अलग कंप्यूटरो का उपयोग किया जाता है। अनुप्रयोगों के आधार पर कंप्यूटरो को 3 भागों में वर्गीकृत किया गया है।

  1. एनालॉग कंप्यूटर(Analog Computer)- ये कंप्यूटर Input के रूप में कोई डाटा या आँकड़ो के अतिरिक्त कोई गुण वाचक सुचना लेते है। और Output भी गुण वाचक ही प्रदान करते है। ये ऐसा input के रूप में नापने वाले डेटा को लेते है। जैसे – तापमान, दाब, आयतन, वोल्टेज, प्रतिरोध।
  2. डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer) – ये Input के रूप में सँख्या या आँकड़े लेते है। लेकिन Output के रूप में हमे आँकड़े ही देते है। इनके द्वारा प्रत्येक सुचना को अंको में बदला जा सकता है। इनका उपयोग व्यापारिक तथा वैज्ञानिक आदि कार्यो के लिए किया जाता है।
  3. हाइब्रिड कंप्यूटर(Hybrid Computer) – एनालॉग तथा डिजिटल कंप्यूटर के मिले जुले होने के कारण इन्हे हाइब्रिड कहा जाता है। इनमे Input के रूप में दी जाने वाली सुचना आँकड़ो में बदलकर दिखाई जाती है। Output के रूप में गुणवाचक तथा आँकड़े दोनों ही प्राप्त होते है।

उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर

  1. सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर(General Purpose Computer) – इन कंप्यूटर में सामान्य तौर से सभी कार्यो को करने की क्षमता होती है। इनमे सभी प्रकार के प्रोग्राम चलाये जा सकते है। इनसे डेटाबेस तैयार करना,गणनाये करना तथा इंटरनेट का उपयोग आदि कार्य किये जा सकते है।
  2. विशेष उद्देश्य कंप्यूटर (Specific Purpose Computer) – इन कंप्यूटरो को किसी विशेष कार्य के लिए तैयार किया जाता है। कार्य की क्षमता के अनुसार इनमे बाहरी और आतंरिक उपकरण लगाए जाते है। इनका उपयोग अंतरिक्ष, मौसम विज्ञान, इंजीनियरिंग में विशेष उद्देश्य के लिए किया जाता है।

आकार एवं क्षमता के आधार पर कंप्यूटर

  1. माइक्रो कंप्यूटर(Micro Computer) – ये कंप्यूटर आकर में बहुत ही छोटे होते है। इनमे Microprocessor के साथ Input तथा output device जोड़कर बनाया जाता है। इन कंप्यूटरो को ऑन ए चिप के नाम से भी जाना जाता है। इनका उपयोग मुख्य तौर से चिकत्सा तथा व्यवसाय के क्षेत्र में किया जाता है।
  2. मिनी कंप्यूटर (Mini Computer) – मिनी कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर से आकार में थोड़े बड़े तथा क्षमता में बहुत अधिक होते है। इनपर एक साथ कई लोग अलग -अलग कार्य कर सकते है।
  3. मेनफ़्रेम कंप्यूटर(Mainframe Computer) – इनकी क्षमता मिनी कंप्यूटर से काफी ज्यादा होती है। इनका उपयोग करने के लिए प्रायः नोड का उपयोग किया जाता है। इसपर एक साथ सैकड़ो लोग काम कर सकते है। गर्म होने के कारण इनके लिए AC की आवश्यकता होती है।
  4. सुपर कंप्यूटर (Super Computer) – आकर और क्षमता में ये मेनफ़्रेम कंप्यूटर से कई गुणा बड़े होते है। इनमे parallel processing की क्षमता होती है। जिससे एक साथ अलग-अलग कई कार्य किये जा सकते है। इनका उपयोग मुख़्य रूप से एनीमेशन वीडियो बनाने, मौसम विभाग और वैज्ञानिकी खोज करने में किया जाता है।

कंप्यूटर के गुण (Characteristics of Computers)

कंप्यूटर के कई सारे ऐसे गुण है। जिसके कारण ये बहुत ही प्रसिद्ध है। और आजकल कंप्यूटर अपने गुणों के कारण, हर उम्र के लोगो की पसंद और जरुरत है। कंप्यूटर हमारे कई सारे काम तेज़ी और शुद्धता से करने की क्षमता रखता है।

1. उच्च संग्रह क्षमता (High Storage Capacity)

कंप्यूटर अपनी मेमोरी उच्च मात्रा में इनफार्मेशन स्टोर करने की क्षमता रखता है। इसमें हम गणितीय आँकड़ो और प्रोग्रामो को अधिक संख्या में स्टोर कर सकते है। जिन्हे आवश्यकता होने पर निकाल सकते है।

2. शुद्धता (Accuracy)

कंप्यूटर कठिन से कठिन गणितीय सवाल को पल भर में बिना किसी त्रुटि के हल कर सकता है। इसलिए ये शुद्धता के लिए जाना जाता। किसी प्रोग्राम के गलत बनाने के कारण त्रुटि हो सकती है।

3. गति (Speed)

कंप्यूटर की गति बहुत ही अधिक होती है। ये एक सेकंड में सैकड़ो-लाखो गणनाएँ एक साथ बहुत ही तीव्र गति से कर सकता है। गणितीय क्रियाओ के आलावा भी कंप्यूटर में कई काम ऐसे है जो हम बहुत ही तीव्र कर सकते है।

4. विश्वसनीयता (Reliability)

कंप्यूटर की याद रखने की क्षमता बहुत ही उच्च होने के कारण इससे जुड़ी सारी क्रियाएँ विश्वसनीय है। कंप्यूटर अपनी मेमोरी में स्टोर वर्षो पुराने डाटा को भी बिना किसी परेशानी के हमे तुरंत दे सकता है।

5. बहुउद्देशीय (Versatile)

कंप्यूटर एक बहुउद्देशीय मशीन है। इसका उपयोग अलग- अलग क्षेत्रो में विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

कंप्यूटर की सीमाएँ (Limitations of Computers)

हर एक मशीन की अपनी एक सीमा होती है। जो उस सीमा तक सारे काम कर सकती है। इसी तरह कंप्यूटर की कुछ सीमाएँ निम्न है –

  1. बुद्धिहीन (No IQ) – कंप्यूटर एक मशीन है। जो यूजर द्वारा दिए निर्देशों के अनुसार कार्य करती है। इसमें सोचने और समझने की कोई क्षमता नहीं होती है।
  2. विघुत पर निर्भर (Depends on Electricity) – कंप्यूटर एक यांत्रिक मशीन होने के कारण इसके कार्यो को करने के लिए विद्युत की जरुरत होती है। कंप्यूटर एक बिजली पर निर्भर यंत्र है। बिना बिजली के इसका चलना असंभव सा है।
  3. मूल्यवान (Expensive) – कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर काफी महंगे होते है। इसके कारण कुछ लोगो के लिए इसका उपयोग करना मुश्किल हो जाता है।
  4. वायरस से प्रभाव (Effects from Virus) – कंप्यूटर की सुरक्षा काफी मजबूत होने के बावजूद भी इसका वायरस से प्रभावित होने का खतरा रहता है। जिसके कारण इसमें स्टोर सारा डेटा लीक या नष्ट होने का खतरा रहता है।

कंप्यूटर के अनुप्रयोग (Applications of Computers)

आज के युग में कंप्यूटर का उपयोग सभी क्षेत्रो में किया जाता है। और शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र होगा जहाँ कंप्यूटर का उपयोग नहीं होता होगा। कुछ क्षेत्र तो ऐसे है जहाँ सिर्फ कंप्यूटर से सारे कार्य किये जाते है।

1. बैंक (Bank)

बैंकिंग के क्षेत्र में कंप्यूटर के उपयोगो ने एक अलग ही क्रांति ला दी है। आज बैंकिंग के क्षेत्र में एटीएम से पैसे निकालना, ऑनलाइन बैंकिंग, पैसे गिनना, खाते में पैसे डालना आदि काम कंप्यूटर के बिना होना असंभव के जैसा ही है।

2. शिक्षा (Education)

इंटरनेट के माध्यम से हम शिक्षा से जुड़ी किसी भी जानकारी को पल भर में प्राप्त कर सकते है। इसलिए इंटरनेट की सुलभता ने कंप्यूटर को विद्यार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी बना दिया है।

3. संचार (Communication)

संचार के क्षेत्र में कंप्यूटर ने इंटरनेट के उपयोग को संभव बनाया है।आज के युग की संचार व्यवस्था बिना कंप्यूटर के असंभव के समान थी। संचार के क्षेत्र में हर जगह आजकल कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।

4. चिकित्सा (Medical)

आजकल चिकित्सा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग अधिक मात्रा में किया जाता है। यहाँ तक की कंप्यूटर के उपयोग से बीमारियों की जाँच और निदान करना भी संभव है। एक्स-रे, सीटी-स्कैन, ईसीजी आदि जाँचो में कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है

5. वायुयान तथा रेलवे (Air lines Railway)

कंप्यूटर का उपयोग वायुयान तथा रेलवे में भी कई सारे कामो के लिए किया जाता है। जैसे Reservation, तथा इनकी समय की जानकारी भी हम कंप्यूटर से अपने घर बैठे ले सकते है।

6. सुरक्षा (Security)

हमारी सुरक्षा के लिए भी कंप्यूटर बहुत ही जरुरी है। बिना कंप्यूटर हमारी सुरक्षा व्यवस्था बहुत ही कमजोर हो सकती है। जैसे एयरक्राफ्ट को ट्रैक करना, हवाई हमले आदि में कंप्यूटर का ही इस्तेमाल किया जाता है।

7. वाणिज्य (Commerce)

वित्तीय लेन-देन कंप्यूटर के बिना करना असंभव के सामान है। दुकान, बैंक तथा बीमा कंपनियों आदि में कंप्यूटरो का भरपूत उपयोग किया जाता है।

8. विज्ञान और इंजीनियरिंग(Science and Engineering)

ये चीज तो हम जानते है की कंप्यूटर भी एक साइंस की ही दें है। लेकिन साइंस और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कठिन गणितीय और वैज्ञानिक गणनाओ को करने के लिए कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।

9. मनोरंजन (Entertainment)

कंप्यूटर का उपयोग लोगो द्वारा मनोरंजन के लिए भी किया जाता है। कंप्यूटर में लोगो द्वारा गेम खेलना, मूवी देखना आदि कार्य किये जाते है। जो बिना कंप्यूटर के लगभग असंभव के समान ही है।

10. ई – कॉमर्स (E -Commerce)

कॉमर्स का मतलब व्यापार होता है। और यही व्यापार इंटरनेट की सहायता से डिजिटल या इलेट्रॉनिक तरीके से हो तो इसे ई- कॉमर्स कहते है।

ई-कॉमर्स के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से व्यापार करना बहुत ही आसान हो गया है और ये आज की जनरेशन की जरुरत बनती जा रही है।

Conclusion

दोस्तों कंप्यूटर क्या है?(What is computer in hindi) आपके इस सवाल का जवाब मिल चूका है। इससे जुड़ी किसी भी जानकारी से संबधित कोई भी सवाल हो तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है।

इस पोस्ट में हमने What is Computer in hindi के साथ – साथ इससे जुड़ी जरुरी जानकारी जैसे कंप्यूटर की परिभाषा (Computer definition in hindi), कंप्यूटर का इतिहास (Computer History in hindi), कंप्यूटर की पीढ़िया (Generations of the computers), कंप्यूटरो का वर्गीकरण (classification of the computers), कंप्यूटर के भाग (Parts of the Computers) के बारे में बताया है।

अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे। जिससे उन्हें भी कंप्यूटर से जुड़ी इस सामान्य जानकारी के बारे में पता चले। और ये जानकारी आपके भविष्य में कही भी काम आ सकती है।

मेरा नाम Ram Gadri है। मैं इस Blog का Founder और Content writer हूँ। हमारा इस Blog को बनाने का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषी लोगों को इंटरनेट से जुड़ी जानकारी प्रदान करवाना है। यहाँ आपको शिक्षा, तकनिकी, कंप्यूटर और मेक मनी से जुड़ी हर तरह की जानकारी अपनी मातृ भाषा में मिलने वाली है।

15 thoughts on “Computer क्या हैं? कंप्यूटर की परिभाषा और इतिहास।”

  1. नमस्ते,
    आपका लेख बहुत जानकारीपूर्ण है और इससे मुझे अधिक जानकारी प्राप्त करने में मदद मिली। साथ ही, आपकी वेबसाइट से अधिक गुणवत्तापूर्ण लेख की आशा है।

    शुक्रिया

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  2. Nice post sir .aapne bahut achcha article likha . I am impressed. Sir me apka blog ka anusaran karta hun apne blogging kariyar ko aage badhane ke liye.pls help sir.

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